बिल्व के पत्ते ही नहीं इसके तने और जड़ से भी भगवान शिव होते है प्रसन्न

बिल्व के पत्ते ही नहीं इसके तने और जड़ से भी भगवान शिव होते है प्रसन्न

श्रावण मास में भगवान शिव की विशेष पूजा होती है। इस माह में विशेष पूजा करने से दुःख और रोग दूर होते है और घर में सुख समृद्धि और बरकत बनी रहती है।

शिवजी को प्रसन्न करने का सबसे सरल उपाय है बिल्व पत्र चढ़ाना। लेकिन शिवपुराण में सिर्फ बिल्व पत्र ही नहीं बल्कि इसकी जड़े और तने से भी भगवान शिव प्रसन्न होते है। आईये जानते है उनके बारे में।

यदि आप तीर्थो में स्नान का पुण्य प्राप्त  करना चाहते है, और शिव की असीम अनुकंपा प्राप्त करना चाहते है तो बिल्व की मूल भाग की पूजा करनी चाहिए। मूल के भाग में सभी तीर्थो का वास होता है।

बिल्व की जड़ में जल चढ़ाने से शिवजी की कृपा से सभी दुःख और बाधाये दूर हो जाएगी।

 

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